आतंकवाद किस तरह से मानवता का भक्षक है बता रहे हैं अजय पाण्डेय
आतंकवाद विश्व की सबसे बड़ी समस्या है वर्त्तमान में ही नहीं प्राचीनकाल से ही आतंकवाद की समस्या चली आ रही है फर्क सिर्फ इतना है की प्राचीनकाल में यह सिर्फ विशेष वर्ग या समुदाय में हुआ करता था वर्त्तमान में इसका रूप विकराल होकर पुरे विश्व में फेल गया है
कहना यह होगा की प्राचीनकाल में राम रावन का युद्ध और कौरव पांडव का युद्ध एक आतंकवाद का ही रूप था जो हाथी घोड़े धनुषबाण तथा ढाल तलवार से हुआ करता था और मुग़ल काल में भी यह दो राजाओं के बीच इसी तरह ढाल तलवार और हाथी घोड़ो के द्वारा ही हुआ करता था
लेकिन वर्त्तमान युग इस युद्ध ने आतंकवाद का रूप ले लिया है और यह इतना विकराल हो गया है की समूचे विश्व में फेल गया है तथा atom और परमाणु जैसे भयंकर विस्फोटक हथियारों से समूचे विश्व में मानवजाति के लिए खतरा बन चूका है
इतने भयंकर और घातक विस्फोटक पदार्थो के रहते मानवजाति ही नहीं बल्कि समूचे संसार के जीव जंतुओं का जीवन shanbhangur बनकर रह गया है
आतंकवाद विश्व की सबसे बड़ी समस्या है वर्त्तमान में ही नहीं प्राचीनकाल से ही आतंकवाद की समस्या चली आ रही है फर्क सिर्फ इतना है की प्राचीनकाल में यह सिर्फ विशेष वर्ग या समुदाय में हुआ करता था वर्त्तमान में इसका रूप विकराल होकर पुरे विश्व में फेल गया है
कहना यह होगा की प्राचीनकाल में राम रावन का युद्ध और कौरव पांडव का युद्ध एक आतंकवाद का ही रूप था जो हाथी घोड़े धनुषबाण तथा ढाल तलवार से हुआ करता था और मुग़ल काल में भी यह दो राजाओं के बीच इसी तरह ढाल तलवार और हाथी घोड़ो के द्वारा ही हुआ करता था
लेकिन वर्त्तमान युग इस युद्ध ने आतंकवाद का रूप ले लिया है और यह इतना विकराल हो गया है की समूचे विश्व में फेल गया है तथा atom और परमाणु जैसे भयंकर विस्फोटक हथियारों से समूचे विश्व में मानवजाति के लिए खतरा बन चूका है
इतने भयंकर और घातक विस्फोटक पदार्थो के रहते मानवजाति ही नहीं बल्कि समूचे संसार के जीव जंतुओं का जीवन shanbhangur बनकर रह गया है